2.3.3.3.1.2.2.3. [श्वसन-नलिका जन्तु] (वायु-नलिकाएँ, एक शृंगिका-युग्म) © 2003-2026 hegel.net · Kai Froeb 2.3.3.3.1.2.2.3. [श्वसन-नलिका जन्तु] (वायु-नलिकाएँ, एक शृंगिका- युग्म) [सहस्रपाद] (समरूप अंगभूत शरीर) 2.3.3.3.1.2.2.3.1. [आदि-कीट] 2.3.3.3.1.2.2.3.2. [पक्षी-कीट] (स्वतन्त्रता के साधन के रूप में पंख) 2.3.3.3.1.2.2.3.3. एक स्तर पीछे: अंगभेदी जन्तु (अर्थ्रोपोड: बाह्य-कंकाल) एक स्तर आगे: [सहस्रपाद] (समरूप अंगभूत शरीर) एक स्तर आगे: [आदि-कीट] (पंख-रहित, रूपान्तरण-रहित: रजत-मत्स्य, शिला-कूदक, पुच्छ-कूदक) एक स्तर आगे: [पक्षी-कीट] (स्वतन्त्रता के साधन के रूप में पंख)
2.3.3.3.1.2.2.3. [श्वसन-नलिका जन्तु] (वायु-नलिकाएँ, एक शृंगिका-युग्म) © 2003-2026 hegel.net · Kai Froeb 2.3.3.3.1.2.2.3. [श्वसन-नलिका जन्तु] (वायु-नलिकाएँ, एक शृंगिका- युग्म) एक स्तर पीछे: अंगभेदी जन्तु (अर्थ्रोपोड: बाह्य-कंकाल) एक स्तर आगे: [सहस्रपाद] (समरूप अंगभूत शरीर) एक स्तर आगे: [आदि-कीट] (पंख-रहित, रूपान्तरण-रहित: रजत-मत्स्य, शिला-कूदक, पुच्छ-कूदक) एक स्तर आगे: [पक्षी-कीट] (स्वतन्त्रता के साधन के रूप में पंख) 2.3.3.3.1.2.2.3.1. [सहस्रपाद] (समरूप अंगभूत शरीर) [द्विपाद] 2.3.3.3.1.2.2.3.1.1. [शतपाद] 2.3.3.3.1.2.2.3.1.2. [वामन एवं अल्पपाद] 2.3.3.3.1.2.2.3.1.3. एक स्तर पीछे: [सहस्रपाद] (समरूप अंगभूत शरीर) एक स्तर आगे: [द्विपाद] (सूत्र-पाद, रस-गोलक: वनस्पतिभोजी) एक स्तर आगे: [शतपाद] (शिला-सर्पण, स्कोलोपेन्द्रा: परभक्षी) एक स्तर आगे: [वामन एवं अल्पपाद] [आदि-कीट] (पंख- रहित, रूपान्तरण- रहित: रजत-मत्स्य, शिला-कूदक, पुच्छ-कूदक) 2.3.3.3.1.2.2.3.2. एक स्तर पीछे: [आदि-कीट] (पंख-रहित, रूपान्तरण-रहित: रजत-मत्स्य, शिला-कूदक, पुच्छ-कूदक) 2.3.3.3.1.2.2.3.3. [पक्षी-कीट] (स्वतन्त्रता के साधन के रूप में पंख) [पुरातन-पंखी] 2.3.3.3.1.2.2.3.3.1. [नव-पंखी कोश-रहित] 2.3.3.3.1.2.2.3.3.2. [नव-पंखी कोश-सहित] 2.3.3.3.1.2.2.3.3.3. एक स्तर पीछे: [पक्षी-कीट] (स्वतन्त्रता के साधन के रूप में पंख) एक स्तर आगे: [पुरातन-पंखी] (अजगर-कीट, एकदिवसी: पंख अफोल्डनीय) एक स्तर आगे: [नव-पंखी कोश-रहित] (अपूर्ण रूपान्तरण) एक स्तर आगे: [नव-पंखी कोश-सहित] (पूर्ण रूपान्तरण)
2.3.3.3.1.2.2.3. [श्वसन-नलिका जन्तु] (वायु-नलिकाएँ, एक शृंगिका-युग्म) © 2003-2026 hegel.net · Kai Froeb 2.3.3.3.1.2.2.3. [श्वसन-नलिका जन्तु] (वायु-नलिकाएँ, एक शृंगिका- युग्म) एक स्तर पीछे: अंगभेदी जन्तु (अर्थ्रोपोड: बाह्य-कंकाल) एक स्तर आगे: [सहस्रपाद] (समरूप अंगभूत शरीर) एक स्तर आगे: [आदि-कीट] (पंख-रहित, रूपान्तरण-रहित: रजत-मत्स्य, शिला-कूदक, पुच्छ-कूदक) एक स्तर आगे: [पक्षी-कीट] (स्वतन्त्रता के साधन के रूप में पंख) 2.3.3.3.1.2.2.3.1. [सहस्रपाद] (समरूप अंगभूत शरीर) एक स्तर पीछे: [सहस्रपाद] (समरूप अंगभूत शरीर) एक स्तर आगे: [द्विपाद] (सूत्र-पाद, रस-गोलक: वनस्पतिभोजी) एक स्तर आगे: [शतपाद] (शिला-सर्पण, स्कोलोपेन्द्रा: परभक्षी) एक स्तर आगे: [वामन एवं अल्पपाद] [द्विपाद] 2.3.3.3.1.2.2.3.1.1. एक स्तर पीछे: [द्विपाद] (सूत्र-पाद, रस-गोलक: वनस्पतिभोजी) [शतपाद] 2.3.3.3.1.2.2.3.1.2. एक स्तर पीछे: [शतपाद] (शिला-सर्पण, स्कोलोपेन्द्रा: परभक्षी) [वामन एवं अल्पपाद] 2.3.3.3.1.2.2.3.1.3. एक स्तर पीछे: [वामन एवं अल्पपाद] [आदि-कीट] (पंख- रहित, रूपान्तरण- रहित: रजत-मत्स्य, शिला-कूदक, पुच्छ-कूदक) 2.3.3.3.1.2.2.3.2. एक स्तर पीछे: [आदि-कीट] (पंख-रहित, रूपान्तरण-रहित: रजत-मत्स्य, शिला-कूदक, पुच्छ-कूदक) 2.3.3.3.1.2.2.3.3. [पक्षी-कीट] (स्वतन्त्रता के साधन के रूप में पंख) एक स्तर पीछे: [पक्षी-कीट] (स्वतन्त्रता के साधन के रूप में पंख) एक स्तर आगे: [पुरातन-पंखी] (अजगर-कीट, एकदिवसी: पंख अफोल्डनीय) एक स्तर आगे: [नव-पंखी कोश-रहित] (अपूर्ण रूपान्तरण) एक स्तर आगे: [नव-पंखी कोश-सहित] (पूर्ण रूपान्तरण) [पुरातन-पंखी] 2.3.3.3.1.2.2.3.3.1. एक स्तर पीछे: [पुरातन-पंखी] (अजगर-कीट, एकदिवसी: पंख अफोल्डनीय) 2.3.3.3.1.2.2.3.3.2. [नव-पंखी कोश-रहित] [तिलचट्टा, दीमक, गणक-कीट] 2.3.3.3.1.2.2.3.3.2.1. [टिड्डा, कर्ण-कृमि, भूत-कीट] 2.3.3.3.1.2.2.3.3.2.2. [शुण्ड-कीट] 2.3.3.3.1.2.2.3.3.2.3. एक स्तर पीछे: [नव-पंखी कोश-रहित] (अपूर्ण रूपान्तरण) एक स्तर आगे: [तिलचट्टा, दीमक, गणक-कीट] एक स्तर आगे: [टिड्डा, कर्ण-कृमि, भूत-कीट] एक स्तर आगे: [शुण्ड-कीट] (खटमल, सिकैडा, पर्ण-जूँ, कवच-जूँ, जन्तु-जूँ) 2.3.3.3.1.2.2.3.3.3. [नव-पंखी कोश-सहित] [जाल-पंखी एवं शुण्ड-मक्षिका] 2.3.3.3.1.2.2.3.3.3.1. [भृंग] 2.3.3.3.1.2.2.3.3.3.2. [उच्च पंखी] 2.3.3.3.1.2.2.3.3.3.3. एक स्तर पीछे: [नव-पंखी कोश-सहित] (पूर्ण रूपान्तरण) एक स्तर आगे: [जाल-पंखी एवं शुण्ड-मक्षिका] (फुल-पंखी, चींटी-सिंह, ऊँट-ग्रीवा) एक स्तर आगे: [भृंग] (आवरण-पंखी) एक स्तर आगे: [उच्च पंखी] (पंख मुड़े या शल्कित)