2.3.3.2. बाह्य जगत का आत्मीकरण (समायोजन) © 2003-2026 hegel.net · Kai Froeb 2.3.3.2. बाह्य जगत का आत्मीकरण (समायोजन) 2.3.3.2.1. इन्द्रिय-अंग (ज्ञानेन्द्रियाँ) 2.3.3.2.2. अन्तर्ग्रहण (भोजन-ग्रहण) 2.3.3.2.3. कला-प्रवृत्ति (निर्माण-प्रेरणा) एक स्तर पीछे: जान्तव जीवन (जन्तु-जीवविज्ञान) एक स्तर आगे: इन्द्रिय-अंग (ज्ञानेन्द्रियाँ) एक स्तर आगे: अन्तर्ग्रहण (भोजन-ग्रहण) एक स्तर आगे: कला-प्रवृत्ति (निर्माण-प्रेरणा)
2.3.3.2. बाह्य जगत का आत्मीकरण (समायोजन) © 2003-2026 hegel.net · Kai Froeb 2.3.3.2. बाह्य जगत का आत्मीकरण (समायोजन) एक स्तर पीछे: जान्तव जीवन (जन्तु-जीवविज्ञान) एक स्तर आगे: इन्द्रिय-अंग (ज्ञानेन्द्रियाँ) एक स्तर आगे: अन्तर्ग्रहण (भोजन-ग्रहण) एक स्तर आगे: कला-प्रवृत्ति (निर्माण-प्रेरणा) 2.3.3.2.1. इन्द्रिय-अंग (ज्ञानेन्द्रियाँ) 2.3.3.2.1.1. स्पर्शेन्द्रिय 2.3.3.2.1.2. घ्राणेन्द्रिय एवं रसनेन्द्रिय 2.3.3.2.1.3. चक्षु एवं श्रोत्र (दृष्टि एवं श्रवण) एक स्तर पीछे: इन्द्रिय-अंग (ज्ञानेन्द्रियाँ) एक स्तर आगे: स्पर्शेन्द्रिय एक स्तर आगे: घ्राणेन्द्रिय एवं रसनेन्द्रिय एक स्तर आगे: चक्षु एवं श्रोत्र (दृष्टि एवं श्रवण) 2.3.3.2.2. अन्तर्ग्रहण (भोजन- ग्रहण) एक स्तर पीछे: अन्तर्ग्रहण (भोजन-ग्रहण) 2.3.3.2.3. कला-प्रवृत्ति (निर्माण- प्रेरणा) एक स्तर पीछे: कला-प्रवृत्ति (निर्माण-प्रेरणा)
2.3.3.2. बाह्य जगत का आत्मीकरण (समायोजन) © 2003-2026 hegel.net · Kai Froeb 2.3.3.2. बाह्य जगत का आत्मीकरण (समायोजन) एक स्तर पीछे: जान्तव जीवन (जन्तु-जीवविज्ञान) एक स्तर आगे: इन्द्रिय-अंग (ज्ञानेन्द्रियाँ) एक स्तर आगे: अन्तर्ग्रहण (भोजन-ग्रहण) एक स्तर आगे: कला-प्रवृत्ति (निर्माण-प्रेरणा) 2.3.3.2.1. इन्द्रिय-अंग (ज्ञानेन्द्रियाँ) एक स्तर पीछे: इन्द्रिय-अंग (ज्ञानेन्द्रियाँ) एक स्तर आगे: स्पर्शेन्द्रिय एक स्तर आगे: घ्राणेन्द्रिय एवं रसनेन्द्रिय एक स्तर आगे: चक्षु एवं श्रोत्र (दृष्टि एवं श्रवण) 2.3.3.2.1.1. स्पर्शेन्द्रिय एक स्तर पीछे: स्पर्शेन्द्रिय 2.3.3.2.1.2. घ्राणेन्द्रिय एवं रसनेन्द्रिय एक स्तर पीछे: घ्राणेन्द्रिय एवं रसनेन्द्रिय 2.3.3.2.1.3. चक्षु एवं श्रोत्र (दृष्टि एवं श्रवण) एक स्तर पीछे: चक्षु एवं श्रोत्र (दृष्टि एवं श्रवण) 2.3.3.2.2. अन्तर्ग्रहण (भोजन- ग्रहण) एक स्तर पीछे: अन्तर्ग्रहण (भोजन-ग्रहण) 2.3.3.2.3. कला-प्रवृत्ति (निर्माण- प्रेरणा) एक स्तर पीछे: कला-प्रवृत्ति (निर्माण-प्रेरणा)