2.2.2.2.2. आत्म-संसक्ति (स्व-संगति) © 2003-2026 hegel.net · Kai Froeb 2.2.2.2.2. आत्म-संसक्ति (स्व-संगति) 2.2.2.2.2.1. भंगुरता 2.2.2.2.2.2. दृढ़ता/काठिन्य 2.2.2.2.2.3. तननशीलता/आघातवर्धनीयता एक स्तर पीछे: संसक्ति (आसंजन) एक स्तर आगे: भंगुरता एक स्तर आगे: दृढ़ता/काठिन्य एक स्तर आगे: तननशीलता/आघातवर्धनीयता